मऊ । जनपद के रानीपुर ब्लाक कर्मचारियों व प्रधान के आपसी गठजोड़ से फर्जी पोखरी खुदाई कराकर लाखों रुपए सरकारी धन के बंदरबांट किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस सम्बंध में मिली जानकारी अनुसार रानीपुर ब्लाक परिक्षेत्र स्थित सरसेना ग्राम प्रधान द्वारा गांव स्थित गाटा संख्या 539 जो राजस्व अभिलेख में गाढ़ा के रुप में अंकित है,को पोखरी बताकर मनरेगा योजना अंतर्गत कागजी खुदाई कराकर वित्तीयवर्ष2022/23 में 2 लाख 10 हजार 419 रुपए तथा वित्तीय वर्ष 2023/24 में 1लाख 10 हजार 120 रुपए का फर्जी भुगतान करा लिया गया है
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ग्रामीण विपिन सिंह पुत्र हरिश्चंद्र सिंह द्वारा जनसूचना से जुटाए गए अभिलेखी जानकारी के अनुसार मौके पर कोईपोखरी नहीं है। बताते हैं कि उक्त के विषय में निरीक्षण के उपरांत यह स्पष्ट हुआ है कि जिस गाटा नंबर 539 को ग्राम प्रधान द्वारापोखरी दिखाकर मनरेगा योजना के अंतर्गत खुदाई कार्य होना दर्शाया गया है और तकरीबन साढ़े तीन लाख रुपए उतारे गये हैं वह फर्जी है क्योंकि असल में मौके पर पोखरी है ही नहीं।
राजस्व लेखपाल की एक रिपोर्ट अनुसार उक्त जगह पर आबादी बसी हुई है।हालांकि इस संबंध में पूछे जाने पर डी० सी मनरेगा उपेंद्र कुमार पाठक ने प्रकरण के प्रति अनभिज्ञता जाहिर किया है। जबकि शिकायतकर्ता का कहना है कि सभी उच्चाधिकारियों को इस भ्रष्टाचार की जानकारी लिखित रूप से सौंपी गई है।क्षेत्रीयलेखपाल ने भी कहा कि उक्त भूमि अतिक्रमित है,जिसे खालीकराए जाने सहित जुर्माना की कार्रवाई किया गया है। प्रधान प्रतिनिधि सुनील पासवान ने उक्त नंबर के भूमि की सही स्थिति बता पाने में असमर्थ रहे। जानकारों का कहना है कि अभी तो यह महज एक बानगी है, अगर पूरे ब्लॉक की गहनता पूर्वक जांच करा दी जाए तो इस योजना में ऐसे अनगिनत घोटालों का पर्दाफाश होगा, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
ग्राम वासियों ने जनपदीय उच्चाधिकारियों सहित शासन के जिम्मेदार लोगों से ऐसे प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध करवाई की मांग किया है।


