
आजमगढ़।जनपद के जहानागंज ब्लॉक परिक्षेत्र स्थित गांव में विकास के नाम पर प्रधान व सचिव द्वारा सरकारी धन की खुली लूट का खेल खेला जा रहा है।ग्रामीण मूलभूत जरुरत के लिए कराह रहे हैं ,पर उनकी सूध लेने वाला कोई नहीं है।
सरकार की आँखों में धूल झोंककर सरकारी धन को खूब लुटा गया है। जिसका ज्वलंत उदाहरण वहां की मुख्य सड़क गवाह है। दौलताबाद से पीजीआई अस्पताल को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित भुजही गांव के मुख्य सड़क पर पिछले दस दिनों से जल जमाव बना हुआ है,जहां से होकर आने जाने पर पैदल राहगीरों,स्कूली बच्चों,बाइक व साइकिल सवारों के अलावा दुकानदारों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किन्तु बावजूद इसके जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं,इधर कुछ समय से लगातार हो रही बारिश से स्थिति और भी गंभीर हो गई है तथा सड़क पर पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।
यह मार्ग क्षेत्र के दर्जनभर गांव का अत्यंत व्यस्त संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। सड़क पर जलभराव के कारण दुर्घटना की भी आशंका बनी हुई है।
स्कूली बच्चों को जहां गन्दे नाबदान के पानी के बीच होकर विद्यालय जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है वहीं वाहन चालक फिसलन के कारण हादसे के शिकार हो अस्पताल में जाकर इलाज करा रहे हैं।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।जिससे घर की माली हालत खराब हो रही है।
इस बाबत ग्रामीण संतोष, महेंद्र, कन्हैया लाल गुप्ता, शिवधनी, राजनाथ सहित दर्जनभर लोगों ने बताया कि भुजही गांव में पांच सफाई कर्मी तैनात हैं जो केवल साफ सफाई के नाम पर पेपर में खाना पूर्ति होती हैं।
लोगों ने बताया कि सफाई कर्मी कभी गांव में आते नहीं हैं,अगर कभी आ गए तो प्रधान के घर से रस्म अदाकार चले जाते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि निवर्तमान प्रधान मीरा के पति सूर्यभान राम अध्यापक है।
जो प्रतिनिधित्व करते हैं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि कुछ समय पहले लाखों रुपये की लागत से नाली का निर्माण कराया गया था, लेकिन नियमित सफाई न होने के कारण नालियां जाम हो गई हैं, परिणामस्वरूप वर्षा का पानी जगह-जगह जमा हो गया है जिसके कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है, जो मलेरिया चिकनगुनिया जैसे गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका को जन्म दे रहा है।
समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं कराई गई तो समस्या और विकराल रूप धारण कर सकती है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण से तत्काल जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की हैं।


