
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश में नकल माफियाओं और धांधली करने वालों के खिलाफ पुलिस का कड़ा अभियान जारी है। इसी क्रम में आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में थाना मेहनाजपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।
पुलिस ने परीक्षाओं में अपनी जगह फर्जी सॉल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाने वाले वांछित मुख्य आरोपी हवलदार यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी नगर पंचायत अध्यक्ष चिरैयाकोट का खास क्लर्क बताया जा रहा है,जो बड़ी परीक्षाओं में पास कराने का ठेका लेता था।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला गांधी इंटर कॉलेज कूबा मेहनाजपुर में आयोजित हुई परीक्षा से जुड़ा है। वहां डीएलएड तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान अनुक्रमांक 7090142259 पर हवलदार यादव नाम के अभ्यर्थी की जगह मोनू यादव नाम का एक फर्जी परीक्षार्थी परीक्षा देते हुए पकड़ा गया था।
चेकिंग के दौरान जब केंद्र पर तैनात स्टाफ और पुलिस ने उससे आधार कार्ड मांगा, तो वह पकड़े जाने के डर से कॉलेज की बाउंड्री फांदकर भागने लगा। हालांकि, मुस्तैद पुलिस और कॉलेज स्टाफ ने दौड़ाकर उसे मौके पर ही दबोच लिया था। तभी से असली अभ्यर्थी हवलदार यादव फरार चल रहा था।
खबर के अनुसार इस मामले की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक अमित कुमार पाल और उनकी टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर जाल बिछाकर वांछित अभियुक्त हवलदार यादव 28 वर्ष को बुद्धवार को करीब 11:10 बजे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी हवलदार यादव, राजेंद्र यादव का पुत्र है और मऊ जनपद के थाना चिरैयाकोट अन्तर्गत भेडियाधर गांव का निवासी है।
सूत्रों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी हवलदार यादव चिरैयाकोट नगर पंचायत अध्यक्ष राम प्रताप यादव के विद्यालय में ‘बड़े बाबू’ यानी क्लर्क के पद पर कार्यरत था। चर्चा है कि वह चेयरमैन की शह पर डीएलएड, बीएड और सीटेट जैसी प्रतिष्ठित और बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने तथा सॉल्वर बैठाने का बकायदा ठेका लेता था।
नगर पंचायत अध्यक्ष के रसूखदार क्लर्क के गिरफ्तार होकर जेल जाने की खबर जैसे ही इलाके में फैली, पूरे क्षेत्र में यह मामला जंगल में आग की तरह फैल गया। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य कड़ियों और मददगारों की तलाश में जुट गई है।


