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मामला:पत्रकार के साथ बदसलूकी का,जांच अधिकारी ने साक्ष्यों को अनदेखा कर प्रस्तुत किया रिपोर्ट, पत्रकार आक्रोशित

मऊ। जनपद के चिरैयाकोट नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय द्वितीय पर समाचार संकलन के दौरान पत्रकार के साथ हेडमास्टर द्वारा किए गए दुर्व्यवहार प्रकरण में जांच अधिकारी द्वारा तथ्यों को अनदेखा कर
जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपे जाने की खबर है,जिसे लेकर जिले के पत्रकारों में रोष है।
विदित हो कि पत्रकार विजय उपाध्याय गत 22 अक्टूबर को
कम्पोजिट विद्यालय भेड़ियाधर पर समाचार संकलन कर रहे थे कि उनके सूत्र ने खबर दी कि नगर पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय द्वितीय चिरैयाकोट खाकी बाबा कुटी के प्रधानाध्यापक हरेंद्र मौर्य आये दिन अपनी उपस्थिति दर्जकर शिक्षण कार्य के दौरान विद्यालय से बाहर चले जाते हैं।
जिसपर वे समाचार संकलन करने हेतु प्राथमिक विद्यालय दो खाकी बाबा कुटी पर पहुंच गये जहां प्रधानाध्यापक हरेंद्र मौर्य मौजूद नहीं थे,जिससे मिली जानकारी सत्य साबित हुई।
पत्रकार के मुताबिक उक्त के संबंध में पूछे जाने पर मौजूद शिक्षक बिसम्भर चौरसिया ने बताया कि प्रधानाध्यापक जी कहीं बाहर हैं,कहकर मेरे द्वारा पूछे गए खेलकूद सामग्री से संबंधित सवाल का जबाव देने से इंकार करते हुए हेडमास्टर के आने तक इन्तजार को कहा,तत्पश्चात मैं कार्यालय में बैठकर प्रतीक्षा करने लगा।
करीब 2:15 बजे हेडमास्टर आये और मुझे देखकर आवेशित हो गये तथा मुझे गाली बकने लगे और हाथापाई पर आमदा हो मुझे फर्जी पत्रकार कहकर कार्यालय से बाहर करने लगे।
बताते हैं कि पत्रकार विजय ने प्रकरण से थानाध्यक्ष योगेश यादव को अवगत कराते हुए जनसुनवाई पोर्टल पर आवेदन पत्र दिया था जिसके जांच अधिकारी खण्ड शिक्षा अधिकारी रानीपुर रहे।बताते हैं कि खण्ड शिक्षाधिकारी ने प्रकरण से जुड़े सभी साक्ष्य की अनदेखी कर मामले में लीपा-पोती करके अपनी रिपोर्ट अधिकारीगण को प्रेषित कर दिया है।
जबकि आईजीआरएस के पत्रांक संख्या 235-36-2024- 25 की रिपोर्ट से पूर्व उन्होंने पत्रकारों को दिए एक साक्षात्कार में खुद सम्बन्धित हेडमास्टर के विद्यालय से बाहर होने की बात कहा था ,किन्तु रिपोर्ट में प्रधानाध्यापक को विद्यालय में उपस्थित रहने की आख्या प्रस्तुत किया है।
इस तरह जांच अधिकारी खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई गलत बयानी के आधार पर अधिकारीगण को गुमराह करने को लेकर जिले के पत्रकारों में रोष व्याप्त है।
घटना से क्षुब्ध पीड़ित पत्रकार ने पुन:उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र प्रेषित कर प्रकरण की जांच किसी अन्य अधिकारी से कराने की मांग की है।जबकि इससे आक्रोशित हो जिले के पत्रकारो ने
भी दोषी हेडमास्टर के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग किया है।

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