आजमगढ़। जनपद के सैकड़ो गांव से होकर गुजरने वाली शारदा सहायक खंड 32 नहर के सफाई कार्य में भारी अनियमितता व सरकारी धन के बंदरबांट का खेल हुआ है।
मिल रही जानकारी अनुसार उक्त शारदा सहायक खंड 32 नहर में विगत वर्ष से पानी नहीं आ रहा है जिसके कारण किसानों के खेतों की सिंचाई का कार्य प्रभावित होता है और किसान अन्य साधन का उपयोग कर काम चलाते हैं ।
सिंचाई विभाग आजमगढ़ इसपर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है किन्तु सफाई के नाम पर प्रतिवर्ष टेण्डर निकाल कर अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचा रहा है,जानकर बताते हैं कि उक्त के एवज में खुद कमीशन धनराशि लेकर गुच्च हो जाते हैं ,परन्तु सरकार की मंशा को पलीता लगा जाते हैं।क्योंकि नहर में पानी टेल तक कभी पहुंच नहीं पाता है जिसके लिए सफाई और खुदाई कार्य कराया जाता है। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा किसान हित को देखते हुए उक्त नहर की सफाई का कार्य इस वर्ष भी कराया गया है,किन्तु सम्बन्धित ठेकेदार द्वारा मानक अनुसार खुदाई न कराकर महज रस्म अदायगी की गई है।
जो सरकारी धन के बंदरबांट का प्रत्यक्ष प्रमाण है।क्योंकि मौके पर जो दिखाई दिया वह सिर्फ खानापूर्ति नजर आयी।किसानों की माने तो उक्त कार्य में ठेकेदार ने मशीन का प्रयोग किया जिससे खुदाई कार्य में केवल घास -फूस ही कटे।जबकि इस कार्य में सरकार के लाखों रुपए खर्च हुए हैं,जो ठेकेदार की जेब में जा समाये।इस प्रकार सफाई कार्य को पूरा किया गया है,और सरकारी धन की जमकर लूट हुई है ।
ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल करने का कार्य अधिकारी व ठेकेदारों की मिलीभगत से किया जा रहा है।इससे जुड़े किसानों की सरकार से मांग है कि सिंचाई विभाग द्वारा कराए गए उक्त कार्य की किसी सक्षम उच्चाधिकारी से जांचकराकर इस भ्रष्टाचार में संलिप्त दोषी जनों के विरुद्ध कार्रवाई किया जाए।


