मऊ। जनपद के चिरैयाकोट पुलिस द्वारा किसी भी मामलों में केस दर्ज करने में हीलाहवाली से क्षुब्ध पीड़ितों द्वारा न्यायालय की शरण में जाना और न्यायालय के आदेश पर मुक़दमा दर्ज होना अब आम बात सी हो गई है,जो चिन्तनीय है।
मिली जानकारी अनुसार इस कड़ी में स्थानीय थानान्तर्गत सिकंदरपुर गांव निवासी एक महिला द्वारा खुद के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस द्वारा मुक़दमा दर्ज नहीं करने के उपरांत न्यायालय की शरण में जा पहुंचना,और वहां से हुए आदेश पर अन्तत:पुलिस को केस दर्ज करना पड़ा है।
खबर अनुसार उक्त गांव निवासिनी संगीता पत्नी धर्मराज ने न्यायालय जाकर कहा कि गांव के रहने वाले रामराज पुत्र रामनगीना और उनकी पत्नी संगीता व पुत्र शुभम् विगत 17 सितम्बर की शाम 7 बजे हमारे बांस खूंटी को काट रहे थे,जब मैने मना किया तो उपरोक्त सभी मुझे गाली देते हुए लाठी डंडा लेकर दौड़ा लिये, मैं जान बचाकर अपने घर में घुस गई तब वह लोग घर में घुसकर मुझे मारपीट कर घायल कर दिए तथा सामानों को तोड़फोड़ दिए।
उक्त मामले में न्यायालय द्वारा आदेश उपरांत शनिवार देर शाम को स्थानीय पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया।


