Home » ब्रेकिंग न्यूज़ » लाखों रुपए खर्च फिरभी अधूरा पड़ा है शौचालय,खुले में शौच को मजबूर बच्चियां छोड़ने लगीं स्कूल

लाखों रुपए खर्च फिरभी अधूरा पड़ा है शौचालय,खुले में शौच को मजबूर बच्चियां छोड़ने लगीं स्कूल

मऊ। जनपद के रानीपुर शिक्षा क्षेत्र अन्तर्गत स्थित एक जूनियर हाईस्कूल में शौचालय एवं बाउंड्री वॉल और वाटर कूलर लगाने का कार्य सालभर बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। जिससे बच्चों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और बच्चियाँ मजबूरन विद्यालय छोड़कर अन्य स्कूल की शरण में जा रही हैं।
ज्ञातव्य हो कि नगर पंचायत चिरैयाकोट के वार्ड नंबर एक रसूलपुर में जूनियर स्तर का एक विद्यालय स्थित है,जहां पर बड़ी संख्या में गरीब वंचित वर्ग के बच्चे व बच्चियां शिक्षा ग्रहण करते हैं।
जानकारी अनुसार उक्त पूर्व माध्यमिक विद्यालय में करीब एक साल पहले नगर पंचायत द्वारा लगभग 12 लाख रुपए की लागत से बाउंड्री वॉल एवं शौचालय बनाने और वाटर कूलर लगाने का कार्य शुरू हुआ जो आज तक पुरा नहीं हुआ और निर्माण कार्य आधा-अधूरा पड़ा है।जो विद्यालय में पठन पाठन में लगी छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी मुसीबत का सबक बन चुका है। बताते हैं कि शौचालय के अभाव में बच्चियां इधर-उधर जाने को मजबूर है वहीं अध्यापकगण को भी शौच क्रिया हेतु अन्यत्र जाना पड़ता है। इसी समस्या को लेकर विद्यालय की कई बच्चियों ने विद्यालय से अपना नाम खारिज कराकर दूसरे विद्यालय की शरण ले चुकी हैं।
इसके बाबत पूछे जाने पर सम्बन्धित प्रधानाध्यापक बीरबल राम ने बताया कि पिछले साल भर से नगर पंचायत द्वारा इस कार्य को किया जा रहा है किन्तु न जाने क्यूं आज तक अधूरा पड़ा हुआ है,जबकि कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लेकर नगर पंचायत के अधिकारी से भी कहा गया फिरभी हालत ज्यों कि त्यों बनी हुई है।
उन्होेंने बताया कि विद्यालय में कक्षा छ: से आठ तक की बच्चियाँ काफी बड़ी हैं जिनको शौच आदि के लिए मजबूरन आस-पास के खेतों में जाकर खुले में शौच करना पड़ता है जो चिंताजनक है। और ऐसी स्थिति के चलते स्थानीय अभिभावक अपने बच्चों को पठन-पाठन के लिए विद्यालय नहीं भेजते हैं,जिससे उनकी पढाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
इस समस्या को लेकर कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया बावजूद इसके सम्बंधित ठेकेदार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगा जो सवालों को जन्म देता है।इस समस्या को लेकर स्कूल के कर्मचारी सहित स्थानीय अभिभावकों ने भी शासन प्रशासन के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि अधूरे पड़े उक्त सभी कार्यों को शीघ्र पूरा करा दिया जाए ताकि आने वाले शिक्षण सत्र में छात्र-छात्राओं को किसी प्रकार की मुसीबत का सामना न करना पड़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *