
मऊ।जनपद के चिरैयाकोट नगर पंचायत क्षेत्र में आजमगढ़-गाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पटरी पर बन रहा लाखों का आरसीसी नाला अभी पूरा भी नहीं हुआ कि जगह-जगह टूटकर गिरने के कारण विवादों में घिर गया है।
ज्ञात हो कि वार्ड नंबर 5 औसतपुर से वार्ड नंबर 4 वलीनगर तक बन रहे उक्त नाले में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।जिस नाला निर्माण में कई अनियमितताएं सामने आई हैं।बताते हैं कि निर्माण कार्य में दो सूत की सरिया का इस्तेमाल किया गया है, वह भी लगभग एक-एक फुट के अंतराल पर, नतीजतन नाला अभी पूर्ण भी नहीं हुआ कि क्षेत्र के कई स्थानों पर टूटकर बिखरने लग गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला खुदाई के दौरान निकली मिट्टी को सम्बन्धित जिम्मेदार ने दो सौ रुपए प्रति ट्रॉली के हिसाब से बेच दिया जबकि अब नाले के पास भराई के लिए मिट्टी नहीं बची है।
नाला निर्माण अलग-अलग हिस्सों में होने के कारण सरकार की मंशा को पानी पिला रहा है क्योंकि गंदे पानी के निकास की नियत से बनने वाला यह नाला किसी काम का नहीं है।
अब जबकि बारिश भी शुरू हो चुकी है ऐसे में नाले का अधूरा बचा होना व्यवस्था की पोल खोलकर रख रहा है।जल निकासी की समस्या उत्पन्न हुई है।हालांकि स्थानीय लोग कई बार इस मामले की शिकायत किए किन्तु कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब जगह-जगह इकट्ठा हुए बरसाती पानी के सड़ने से जहां फैल रही दुर्गंध से यात्रीगण को आवागमन में कठिनाई हो रही है।वहीं इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है जिससे अगल-बगल के निवासियों में संक्रामक बीमारियो के फैलने का खतरा बना हुआ है।
अधिकारी सीएल तिवारी से इस संबंध में शिकायत की गई,तो उन्होंने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।बल्कि कार्यकारी ठेकेदार की प्रशंसा करते नजर आए।


