मऊ।जनपद के चिरैयाकोट थानान्तर्गत विशुनपुर गांव में धनुष यज्ञ मेला में चल रहे नृत्य कार्यक्रम के दौरान कुछ असमाजिक प्रवृति के युवकों ने जमकर मारपीट और हुड़दंग मचाया । इस घटना में जहां कई लोग हताहत हो गए वहीं लाखों-लाख रुपए के नुकसान टेंट,लाइट और गाड़ियों को तोड़कर पहुँचाया गया है। घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस द्वारा उक्त मामले में मुकदमा पंजीकृत न किए जाने से क्षेत्रीय जनता में आक्रोश प्राप्त है।
ज्ञात हो कि घटना 25 नवंबर की रात करीब 11 बजे नृत्य कार्यक्रम के दौरान तब हुई जब सोनू पुत्र कमलेश नामक एक युवक स्टेज पर चढ़कर नर्तकों को जबरन पैसे देने लगा,जिसका आयोजक मंडल ने विरोध करके उसे ऐसा करने से रोका, जिसके बाद उसने हंगामा शुरू कर दिया।
किन्तु वह नहीं माना और विवाद बढ़ता देख राज दुबे पुत्र हरी प्रसाद दुबे ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया और लोगों को समझाने की कोशिश की। हालांकि उनकी बात नहीं मानी गई और स्थिति काफी बिगड़ गई।
इसके बाद सैकड़ों की संख्या में लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे दलित युवकों नें मनोज पुत्र रामलाल,टिंकू पुत्र संता,विवेक,मनोज पुत्र रामदरश,राजकुमार पुत्र गौरी,सौदागर पुत्र राजेश,गुरु प्रसाद उर्फ पिंकी पुत्र घुरभारी और अन्य 85 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर हमलावर होकर मारपीट करने लगे। उन्होंने टेंट और लाइट को तोड़ दिया,साथ ही घरों के सामने खड़ी गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।हमलावरों ने मृदुल पुत्र जीऊत बंधन,नीरज पुत्र त्रिपुरारी और शुभम पुत्र राजेश जैसे लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। घटना के बाद,रात करीब डेढ़ बजे डायल 112 पुलिस को मौके पर बुलाया गया,जिन्होंने घटना की जानकारी ली।
इस मामले में पुलिस को लिखित तहरीर दे दी गई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिसे लेकर ब्राह्मण समुदाय में आक्रोश प्राप्त है तथा लोगों का कहना है कि आज 48

घंटे बाद भी पुलिस ने मामले में मुकदमा पंजीकृत नहीं किया है और आनाकानी कर रही है। थानाध्यक्ष दोषयुक्त लोंगों को बचाने में लगे हैं।अगर यही रवैय्या बना रहा तो हम बाध्य होकर पुलिस कप्तान या अन्य प्रशासनिक उच्चाधिकारियों से संपर्क करने को मजबूर होंगे।


