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जमगढ़। जिले से भू-माफियाओं के दुस्साहस की एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां करोड़ों रुपये की सरकारी बंजर जमीन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने नाम कराने और इस जालसाजी का विरोध करने वाले एक परिवार पर जानलेवा हमला किया गया है।
इस हमले में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह पूरा मामला इस समय राजस्व परिषद प्रयागराज की दहलीज पर है।
मामला 40 साल पुराना है जिसमें कूटरचित कागजों में बंजर भूमि का अवैध’आवंटन हुआ है।पीड़ित पक्ष की मुख्य गवाह मालती देवी पत्नी गरीब यादव निवासी ग्राम टेल्हुआ चकवली का है।पीड़ित के अनुसार यह विवाद ग्रामसभा की खाता संख्या 186 की बंजर भूमि से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 1984 में बेहद शातिराना तरीके से एक फर्जी अमलदरामद राजस्व प्रविष्टि तैयार की गई थी।
बताते हैं कि फर्जी खतौनी 1390-1395 फसली में गाटा संख्या 250, 230,140, 400, 411 और 410 को भूमि प्रबंधक समिति के कथित प्रस्ताव विगत वर्ष 1984और परगनाधिकारी की स्वीकृति दिनांक 03.10.1984 के आधार पर पबारू, केदार और अधार पुत्रगण रामदेव के नाम दर्ज दिखा दिया गया।
जो दस्तावेजों का गायब करा दिए गए और पत्रावली तहसील रिकॉर्ड रूम में मौजूद ही नहीं है। खतौनी में अमलदरामद भी अलग स्याही से दर्ज की गई है, जो सीधे तौर पर जालसाजी की ओर इशारा करती है।
इंसाफ की जंग और कानूनी दांव-पेच इस महा फर्जीवाड़े के खिलाफ गरीब परिवार ने वर्ष 2015 में पहली बार कानूनी मोर्चा खोला।
शुरुआती कोशिश में उन्होंने धारा 33/39/225 भू.रा.अ. के तहत वाद संख्या 531/2015 दाखिल किया, जिसे चकबंदी प्रक्रिया का हवाला देकर तकनीकी रूप से खारिज कर दिया गया था।
बाद इसके हार न मानते हुए पीड़ित पक्ष ने इस मामले को राजस्व परिषद प्रयागराज में चुनौती दी तो मामला निगरानी संख्या 2307/2021 केदारनाथ बनाम राज्य सरकार के तहत विचाराधीन है।अगस्त 2023 में अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व आजमगढ़ ने शासकीय अधिवक्ता के माध्यम से इस फर्जीवाड़े पर कड़ी आपत्ति दाखिल की। जिसके बाद राजस्व परिषद ने मामले को पुनरीक्षण के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी को वापस भेजा है।
जहाँ सुनवाई चल रही है,करीब 8 एकड़ भूमि की लालच में अंधे हो गए दबंगों ने रात के अंधेरे में हमला करके पीड़ित पक्ष को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया।
जहानागंज थानान्तर्गत उक्त गांव में सोमवार की रात करीब 8:45 बजे थे और वह गरीब यादव अपने बेटों रामअशीष यादव और 15 वर्षीय एच. खेदन यादव के साथ घर पर थे, तभी धारदार हथियारों और लोहे की रॉड से लैस होकर हमलावरों ने उन पर धावा बोल दिया।जिसमें पिता-पुत्र को गंभीर चोटें आई हैं।
पीड़ित पक्ष ने हमले के नामजद आरोपी केदारनाथ यादव,
शंभुधर यादव, सर्वेश उर्फ फिरंगी,अवधेश यादव, रामबिलास उर्फ लालचंद्रअमित उर्फ बिट्टू के खिलाफ लिखित तहरीर देकर मुकदमा पंजीकृत कराया है।



