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सोशल साइट्स पर पत्रकार को जातिसूचक गाली देने के आरोपी युवक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज

मऊ। जनपद के चिरैयाकोट थाना पुलिस ने स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष पत्रकारिता को निशाना बनाने और सोशल मीडिया के जरिए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के गंभीर मामले में एक युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

बताते हैं कि चिरैयाकोट थाना क्षेत्र निवासी एक पत्रकार के खिलाफ लगातार जातिसूचक और अभद्र टिप्पणियां करने के आरोप में पुलिस ने नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई मऊ के अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना के कड़े आदेश के बाद की गई है।

वार्ड नंबर 10 दरियापट्टी चिरैयाकोट निवासी पीड़ित पत्रकार विजय उपाध्याय क्षेत्र में लंबे समय से निष्पक्ष और खोजी पत्रकारिता कर रहे हैं।

मामले की शुरुआत 21 अप्रैल 2026 को हुई,जब पत्रकार ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक खबर पोस्ट की। आरोप है कि इस पोस्ट पर आरोपी हिमांशु यादव ने सार्वजनिक रूप से अत्यंत आपत्तिजनक और जातिसूचक टिप्पणियां कीं।

घटना के बाद पीड़ित ने 22 अप्रैल को तत्कालीन थानाध्यक्ष सुभाष चंद को लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उस समय पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। पत्रकार का आरोप है कि पुलिस की इसी ढिलाई के कारण आरोपी के हौसले बुलंद हो गए।

कार्रवाई न होने से शह पाए आरोपी ने 18 मई 2026 को फिर एक अन्य खबर पर सार्वजनिक रूप से अश्लील, अपमानजनक गालियां और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया।

पीड़ित पत्रकार ने कानून पर भरोसा रखते हुए आरोपी की इन डिजिटल बदजुबानियों के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रख लिए और उन्हें अपनी शिकायत का मुख्य आधार बनाया।

लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने के बाद पत्रकार ने जिले के उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता स्वतंत्र पत्रकारिता पर हमले और क्षेत्र में जातीय विद्वेष फैलने की आशंका को देखते हुए मऊ के अपर पुलिस अधीक्षक और ने तुरंत संज्ञान लिया।

उनके कड़े निर्देश पर 13 जुलाई 2026 को चिरैयाकोट पुलिस ने आरोपी हिमांशु यादव के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में एफआईआर नामजद दर्ज कर ली

चिरैयाकोट थाना प्रभारी ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर मुकदमा पंजीकृत कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पत्रकार द्वारा दिए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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