आजमगढ़।पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के परिनिर्वाण दिवस पर समाज के कमजोर निर्धन लोगों को सम्मानित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का किया आह्वान।
इस मौके पर पूर्वांचल जन मोर्चा एवं अखिल भारतीय ठठेरा कसेरा ताम्रकार महासभा व अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा सहित राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी ने सम्मान समारोह आयोजित कर जनपद के अनेक विभूतियों का मान बढ़ाया।
उपरोक्त संगठन के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय ज्ञानी जैल सिंह की 30 वीं पुण्यतिथि (25 दिसंबर) को परिनिर्वाण दिवस महोत्सव एवं सम्मान समारोह के रूप में मनाया गया।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माया देवी ठठेरा महिला प्रदेश अध्यक्ष महासभा एवं संचालन जिला अध्यक्ष हरेंद्र चौहान रालोजपा ने किया।
जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि राजेश कुमार राय शिक्षक नेता ने स्वर्गीय जैल सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। तत्पश्चात उनके जीवन पर चर्चा करते हुए कहा कि सामाजिक गतिविधि पर बढ़ाने के लिए जाति जैसी कुरीतियों को समाप्त करने की आवश्यकता है।
तत्पश्चात कार्यक्रम के आयोजक शिवमोहन शिल्पकार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व महामहिम देश के सातवें राष्ट्रपति थे,जो सिख धर्म के विद्वान व पंजाब के मुख्यमंत्री एवं देश के गृह मंत्री, रक्षा मंत्री रहते हुए सर्वोच्च पद सत्य निष्ठा के साथ कठिन राजनीतिक रास्तों को पार करते हुए देश की सेवा किया। उनका जन्म 5 मई 1916 को ब्रिटिश हुकूमत के दौरान पंजाब प्रांत के फरीदकोट से 4 किलोमीटर दूर संधवान ग्राम में हुआ था।तथा उनके किशन सिंह थे ।जब वह 11 माह के हुए तभी उनकी माता इनदर कौर का निधन हो गया था।
देश प्रेम के चलते उन्होंने 15 वर्ष की आयु में ही ब्रिटिश सरकार एवं सामंती ताकतों के खिलाफ काम कर रही अकाली दल की सदस्यता ली व 1938 में प्रज्ञा मंडल नामक एक राजनीतिक पार्टी का गठन किया।ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध लड़ाई के चलते कई बार जेल गए और उन्हें 5 वर्ष की सजा भी सुनाई गई।किन्तु उन्होंनें पिछे मुड़कर नहीं देखा तथा संघर्षों के कारण इनका नाम बदलकर जैल सिंह रख दिया गया।25 दिसंबर 1994 को एक कार दुर्घटना में उनका निधन हो गया ।
कार्यक्रम में यशवंत सिंह चौहान अधिवक्ता,भगवान विश्वकर्मा,अंग वस्त्र देकर सम्मानित करते हुए करीब 300 गरीब वंचित शोषित लोगों को ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरित किया गया।इस दौरान चंद्रमी गौतम,संजू गोंड,माधुरी गौतम,ऊषा गौतम,सुनीता विश्वकर्मा, कामिनी गुप्ता, रामसरन राम,अनिल विश्वकर्मा,राम लगन विश्वकर्मा, लालजी सोनकर, अवधेश ठठेरा,राजकुमार ठठेरा,सुक्लेश प्रधान,नूर सबा ,शांति देवी,सुदामी सुमित सहित कई लोग उपस्थित रहे।


