मऊ। जनपद के चिरैयाकोट स्थित एक स्कूल परिसर में आयोजित परशुराम जयन्ती एवं विप्र सम्मान समारोह के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान समय में ब्राह्मणवाद के बहाने ब्राह्मणों पर प्रहार को फैसन होना बताते हुए कहा कि ऐसे में भगवान परशुराम जैसे आदर्श लोगों की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है।
वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम ने समाज कल्याण की अलग-राह दिखाई। उक्त बातें उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक के सभापति एवं वरिष्ठ भाजपा नेता वाल्मीकि त्रिपाठी ने कही।
वे मंगलवार को स्थानीय एस॰एल॰आरपी चिल्ड्रेन एकेडमी के प्रांगण में आयोजित परशुराम जयंती समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित रहे थे।
उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम कोई जाति नहीं थे बल्कि एक धर्म थे,उनके बताए आदर्श राष्ट्रवाद
को प्रेरणा देते हैं ।भगवान परशुराम विष्णु जी के छठे अवतार थे। उनका मूल नाम राम था लेकिन शिव जी के परसु देने के कारण उनका नाम परशुराम पड़ा। हम सभी उनके वंशज हैं और उनके बताए आदर्शों पर चलकर ही मानवता का कल्याण कर सकते हैं।
परशुराम जयंती समाज में सामाजिक समरसता को बढ़ाने के लिए एक सशक्त माध्यम होता है ब्राह्मण सदैव से पुज्य रहा है और पूज्य रहेगा ब्राह्मण विश्व गुरु था आज भी है कल भी रहेगा। अक्षय तृतीया नक्षत्र में जन्म होने के कारण कभी भी निर्बल कमजोर होने वाला नहीं होता।समाज में उत्कृष्ट कार्यो को करने के लिए सम्मानित करने वालों में वाल्मीकि त्रिपाठी उमेश चंद पाण्डेय, अखिलेश तिवारी,डाक्टर संतोष पाण्डेय,अमरनाथ तिवारी,अंबिका प्रसाद दुबे,विनोद उपाध्याय,डाक्टर सतीश चंद तिवारी, डाक्टर राजेंद्र पांडेय,डाक्टर शर्वेश पांडेय,ज्ञानेश्वर मिश्र, रामजीत पाण्डेय,श्रीमती कंचन तिवारी,संगीता द्विवेदी, पितुलता पाण्डेय,डाक्टर चंद्रकांति शुक्ला,कुमारी रागिनी मिश्रा,आद्याशंकर मिश्र,चंद्रभूषण चतुर्वेदी, बांबेश्वर उपाध्याय,आदि ने जयंती एवं सम्मान समारोह में शिरकत किया।
जबकि पूर्व विधायक उमेश पाण्डेय,संतोष पाण्डेय, अखिलेश तिवारी,संरक्षक डाक्टर एस सी तिवारी,रामजी उपाध्याय,जिलाध्यक्ष ऋषिकेश पाण्डेय ने डाक्टर युवी दुबे,विजय शंकर तिवारी,अरविंद कुमार त्रिपाठी, शशिकांत पाण्डेय,मृत्युंजय तिवारी, रमाकांत तिवारी,धनंजय पाण्डेय आदि ने संबोधित किया।
इस अवसर पर अवधेश तिवारी,जयशंकर दुबे,यशवंत उपाध्यक्ष,दिनेश मिश्रा,संजीव कुमार द्विवेदी,अभिमन्यु दुबे,गोपाल दुबे,श्याम चौबे,प्रवीण पाठक,देवदत्त मिश्रा,मणिकांत चतुर्वेदी,यशवंत पाण्डेय,राजकुमार दूबे का कार्यक्रम सफल बनाने में प्रसंसनीय योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन संजीव कुमार द्विवेदी ने किया।


