
मऊ।जनपद के चिरैयाकोट नगर पंचायत क्षेत्र में जल निकासी का समुचित प्रबन्ध न होने से बरसात का पानी जगह-जगह सड़कों पर इकट्ठा हो रहा है,जिसके सङने से लोगों को आने-जाने में काफी दुश्वारियां का सामना करना पड़ रहा है।
बाजार के अनेक क्षेत्रों में छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में कीचड़ भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है।हालाँकि ऐसी समस्याओं के निजात के लिए नगर पंचायत द्वारा प्रतिवर्ष लाखों रुपए के बजट का वारा न्यारा किया जा रहा है।जिसका उदाहरण वर्षा शुरू होने से पूर्व ही नगर में नाला निर्माण कार्य शुरू हुआ,ताकि बरसात का पानी सड़क पर इकट्ठा न होने पाए जो नगर पंचायत विभाग द्वारा आजमगढ़-गाजीपुर मुख्य मार्ग पर करोड़ों की लागत से आरसीसी नाला का निर्माण कराया जा रहा था किंतु न जाने क्यों उक्त नाला का निर्माण आधा अधूरा छोड़ दिया गया और वह नाला आज बारिश के पानी के निकासी तो नहीं कर पा रहा है किंतु उसमें आसपास के जमे हुए पानी के सडान्ध से बाजार वासियों व राहगीरों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
उक्त नाला जन सामान्य के लिए अब धीरे-धीरे मुसीबत का रूप धारण करता जा रहा है क्योंकि उक्त नाले में सड़ रहे पानी में मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है या यूं कहा जाए कि वह मच्छरों के पैदावार का एक प्रमुख केंद्र बन गया है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।किंतु विडम्बना यह है कि सब कुछ होते देखने पर भी नगर पंचायत प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रिंग रहा है।
यह एक विचारणीय प्रश्न बनता जा रहा है।इस कड़ी में सबसे बुरी हाल स्थानीय थाना के ठीक सामने आजमगढ़-गाजीपुर मार्ग से निकलकर जाने वाले बियर गली के नाम से मशहूर रास्ता का है।जो इन दिनों काफी बदहाल है। वहां का नजारा देखने से यह नहीं प्रतीत होता कि हम नगर पंचायत चिरैयाकोट के रास्तों को देख रहे हैं,हालांकि उस रास्ते से श्री कृष्णा विद्यापीठ हाई स्कूल व आरडीएस पब्लिक स्कूल जैसी दो प्रमुख संस्थाएं जुड़ी हैं।जिसपर हजारों की तादाद में प्रतिदिन छोटे-छोटे बच्चों का आना-जाना होता है,किंतु मार्ग की दशा देखकर मन काफी दुखी है। स्थानीय लोगों ने शासन प्रशासन से मांग किया है कि उक्त मार्ग पर हो रहे जल जमाव व जगह-जगह इकट्ठे कूड़े के ढेर आदि को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सफाई की व्यवस्था कराई जाय।


