मऊ। जनपद के चिरैयाकोट थाना समाधान दिवस में राजस्व विभाग के कर्मचारीगण की कथित उदासीनता सामने आई है। शनिवार को समाधान दिवस में आए पांच मामलों में से केवल एक का निपटारा हुआ तथा एक अन्य मामले के लिए टीम गठित कर कागजी खानापूर्ति कर दी गई।
स्थानीय थाना समाधान दिवस यूं कहें कि महज खानापूर्ति बनकर रह गया है तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। क्योंकि जिम्मेदार अधिकारी न तो मौके पर उपस्थित रहते हैं और ना ही मामलों के निस्तारण में रुचि रखते हैं,जिसके उदाहरण स्वरूप कई मामले महीनों से लंबित पड़े हैं।
ऐसा ही एक मामला मनाजीत ग्रामसभा के चकमार्ग संख्या 997 से जुड़ा हुआ है। जिसके पीड़ित अनिल विश्वकर्मा के अनुसार थाना समाधान दिवस पर की गई शिकायत पर क्षेत्रीय लेखपाल अविनाश सिंह ने अनेक बार मामले के निस्तारण का आश्वासन दिये किन्तु बाद में फोन तक नहीं उठाते।
विदित हो कि उक्त विवाद पिछले 5-6 महीने से लंबित है और कयी बार राजस्व विभाग की टीम मौके पर जाकर भी बगैर कोई कार्रवाई किए मौन साध लेती है ।
इसी तरह क्षेत्र के मंगलपुर गांव में उपजे एक नाली विवाद का मामला भी लंबित है। जिसमें क्षेत्रीय लेखपाल रिपोर्ट लगाने में टालमटोल कर रहे हैं। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है,राजस्व विभाग मामलों को आज-कल कहकर टाल रहा है,तो पुलिस मामले को राजस्व से जुड़ा बताकर अपना दामन बचा रही है।
शिकायतकर्ता कहते हैं कि यह स्थिति बार-बार दोहरायी जा रही है,इससे शासन और मुख्यमंत्री के मंसूबे का खुला उल्लंघन हो रहा है। फरियादी न्याय के लिए भटक रहे हैं,लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।ऐसे में समाधान दिवस के औचित्य पर ही सवाल उठना लाज़मी है।


