वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध विश्वनाथ मंदिर के बाहर का दृश्य देखकर हर कोई दंग रह गया। मंदिर के बाहर जमीन पर कतार से लेटे हुए लोग किसी हादसे का शिकार हुए मृत इंसान नहीं, बल्कि विरोध जताने का एक बेहद अनोखा तरीका अपनाए हुए छात्र हैं।
ज्ञात हो कि शनिवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर और प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि पिछले 10 दिनों से वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। अपनी मांगों को लगातार नजरअंदाज किए जाने से नाराज छात्रों ने पहले बीएचयू प्रशासन की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली थी।
इसके बाद भी जब आंख-कान बंद किए बैठे विश्वविद्यालय प्रशासन पर कोई असर नहीं हुआ, तो छात्रों ने यह चौंकाने वाला कदम उठाया। दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने खुद को प्रतीकात्मक मुर्दा बना लिया और विश्वनाथ मंदिर के बाहर जमीन पर लेट गए। मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालु और आम लोग मंदिर के बाहर लाशों का अंबार जैसी यह तस्वीर देखकर हैरान रह गए।
सोशल मीडिया पर इस अनोखे प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। छात्रों का कहना है कि बीएचयू प्रशासन पूरी तरह से संवेदनहीन हो चुका है और छात्रों की जायज मांगों पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। फिलहाल इस अनोखे प्रदर्शन के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान निकलता नजर नहीं आ रहा है, जिससे छात्रों में आक्रोश और बढ़ता जा रहा है।






