
मऊ। जनपद के मुहम्मदाबाद गोहना एसडीएम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है।
बताया जाता है कि हाल ही में सोशल मीडिया पर सरसेना गांव में कार्यरत लेखापाल का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था,जो मामला अर्थ लाइट्स न्यूज 24 नें प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था।जिसके बाद प्रशासनिक महकमें में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी अर्चना अग्निहोत्री ने त्वरित संज्ञान लेते हुए लेखापाल अविनाश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में तैनात लेखापाल अविनाश सिंह का एक काम के बदले अवैध वसूली (रिश्वत) करने का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो रहा था। वीडियो सामने आते ही समाचार की सुर्खिया बनीं।जिसे देख आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया।और प्रशासनिक कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे थे।
मामले की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी अर्चना अग्निहोत्री ने प्राथमिक जांच के आदेश दिए। प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसडीएम ने लेखापाल अविनाश सिंह के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
इसके साथ ही मामले की विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।इस बाबत उपजिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनता को पारदर्शी और भयमुक्त शासन-प्रशासन देना हमारी पहली प्राथमिकता है। जो भी कर्मचारी या अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ इसी तरह कठोर कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।
घूसखोर लेखापाल के निलंबन की खबर पर स्थानीय लोगों ने तहसील प्रशासन द्वारा की गई इस त्वरित और सख्त कार्रवाई की जमकर सराहना की जा रही है।लोगों का कहना है कि ऐसे कदमों से भ्रष्ट कर्मचारियों में डर पैदा होगा और व्यवस्था में सुधार आएगा।
वहीं मामले के पीड़ित विपिन सिंह ने प्रशासन द्वारा उक्त लेखपाल के विरुद्ध की गई कार्रवाई को न्याय की जीत बताया है।







